Screenshot

रायपुर।भारतीय प्रबंध संस्थान, रायपुर ने अंतरराष्ट्रीय केस सम्मेलन (आईसीसी) 2026 के दूसरे दिन भी शैक्षणिक गतिविधियों और उद्योगशिक्षा संवादको आगे बढ़ाते हुए अपने आयोजन को सफलतापूर्वक जारी रखादूसरेदिन की शुरुआतकेस शिक्षण पद्धति में कृत्रिम बुद्धिमत्ताविषय परआयोजित पूर्ण सत्र से हुई, जिसे भा.प्र.सं. बेंगलुरु के रणनीति प्रोफेसर श्रीपी. डी. जोसे ने संबोधित किया

समापन सत्र में भा.प्र.सं. उदयपुर के निदेशक प्रोफेसर अशोक बनर्जी तथाभारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर-राज्य परिषद सचिवालय के सचिवश्री आशीष श्रीवास्तव ने शिक्षा, शासन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग मेंनेतृत्व के भविष्य पर अपने विचार साझा किएप्रोफेसर बनर्जी ने कहा कियद्यपि भारतीय प्रबंधन संस्थानों की शिक्षण गुणवत्ता मजबूत है, परंतु जबजानकारी आसानी से उपलब्ध हो रही है, तब शिक्षण पद्धति को भीविकसित होना चाहिएउन्होंने श्री अरविंद के विचार उद्धृत करते हुए कहाकि शिक्षक की सबसे बड़ी भूमिका केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि समझ औरनिर्णय क्षमता विकसित करना है, विशेषकर तब जब नेतृत्व को अधूरीजानकारी के बीच निर्णय लेने पड़ते हैं

नीति दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि सीखने औरशासन को पारंपरिक ढाँचों तक सीमित नहीं रखा जा सकताउन्होंनेबताया कि उभरते बाजारों में प्रभावी नेतृत्व साझा जिम्मेदारी, समन्वय औरदूरदृष्टि पर आधारित होता हैउन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि कोई नीतिपूर्ण समाधान नहीं देती, परंतु जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकेंअधिक सूचित और अनुकूल निर्णय लेने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करसकती हैं

आईसीसी 2026 की शुरुआत 29 जनवरी 2026 को आयोजित सम्मेलन-पूर्व कार्यशाला से हुई, जिसका विषय केस लेखन और शिक्षण पद्धति थाइस कार्यशाला का संचालन सुश्री नम्रता अरोड़ा, जो हार्वर्ड बिजनेस स्कूलइंडिया रिसर्च सेंटर की पूर्व सह-निदेशक (रणनीति) और प्रसिद्ध लेखिकाहैं, तथा सुश्री सलोनी चतुर्वेदी, जो उसी केंद्र की पूर्व शोधकर्ता रही हैं, द्वाराकिया गयासत्रों में केस विचार निर्माण, शोध संरचना, शिक्षणटिप्पणियों का विकास और कक्षा में प्रभावी प्रस्तुति पर व्यावहारिकमार्गदर्शन प्रदान किया गया

सम्मेलन में प्रमुख अतिथि के रूप में अमेरिकी विश्वविद्यालय, शारजाह कीप्रोफेसर और प्रबंधन अध्ययन विभाग की प्रमुख तथा एमराल्ड इमर्जिंगमार्केट्स केस स्टडीज की प्रधान संपादक प्रोफेसर वर्जीनिया बोडोलिका नेभी संबोधन दियाउन्होंने केस-आधारित शिक्षण में मानवीय मूल्यों, संदर्भआधारित दृष्टिकोण और नैतिक आधार की बढ़ती आवश्यकता पर बलदिया, विशेषकर उभरते बाजारों के संदर्भ मेंउन्होंने शोध में कठोरता, प्रासंगिकता और मौलिकता के महत्व पर भी जोर दिया

सम्मेलन के प्रथम दिन छत्तीसगढ़ के माननीय वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरीने नीति-केन्द्रित संबोधन में भारत के तीव्र आर्थिक परिवर्तन और सुशासनआधारित सुधारों की भूमिका पर प्रकाश डालाउन्होंने अमृत काल 2047 की राष्ट्रीय दृष्टि की प्राप्ति हेतु नवाचार, उद्यमिता और संस्थागत क्षमतानिर्माण के महत्व को रेखांकित किया तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारीपर बल दिया

भा.प्र.सं. रायपुर के कार्यकारी निदेशक तथा आईसीसी 2026 के मुख्यसंरक्षक प्रोफेसर संजीव प्रशर ने कहा,
केस-आधारित शिक्षण भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व विकसित करने काएक प्रमुख साधन हैआईसीसी 2026 के माध्यम से भा.प्र.सं. रायपुर केसशोध और शिक्षण पद्धति के लिए एक मजबूत स्वदेशी पारिस्थितिकी तंत्रविकसित करना चाहता है, जो सिद्धांत और वास्तविक प्रबंधन एवं नीतिचुनौतियों के बीच सेतु का कार्य करे।”

शैक्षणिक कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित पूर्ण सत्र IV “गहन शिक्षण हेतुभूमिका-अभिनय आधारित केस का डिजाइन और शिक्षणका संचालनभा.प्र.सं. रायपुर के बाह्य संबंध अधिष्ठाता प्रोफेसर सत्यसीबा दास तथाकार्यकारी निदेशक प्रोफेसर संजीव प्रशर ने कियाप्रोफेसर प्रशर नेकार्यस्थल से संबंधित एक वास्तविक दुविधा पर आधारित भूमिका-अभिनय का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को वास्तविक प्रबंधन औरनैतिक परिस्थितियों से जोड़ दिया

शिक्षा, नीति और उद्योग के बीच संवाद को आगे बढ़ाते हुए सम्मेलन मेंउद्योग पैनल चर्चा भी आयोजित हुईइसमें सुशासन एवं अभिसरण विभागके विशेष सचिव तथा सीएमडीसी, छत्तीसगढ़ के प्रबंध निदेशक श्री रजतबंसल; सेल, भिलाई इस्पात संयंत्र के कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार; तथा पंजाब नेशनल बैंक, छत्तीसगढ़ एवं झारखंड केक्षेत्रीय प्रमुख श्री आशीष चतुर्वेदी ने भाग लियाचर्चा का संचालनप्रोफेसर सत्यसीबा दास ने कियापैनल में बदलते शासन ढाँचे, नेतृत्व कीचुनौतियों तथा सार्वजनिक उद्देश्य और संगठनात्मक प्रदर्शन के संतुलन परविचार किया गया

सम्मेलन-पूर्व कार्यशाला, पूर्ण सत्रों, उद्योग संवाद तथा समानांतर केसप्रस्तुति सत्रों के माध्यम से आईसीसी 2026 ने केस-आधारित औरअनुभवात्मक प्रबंधन शिक्षा को सुदृढ़ करने की भा.प्र.सं. रायपुर कीप्रतिबद्धता को पुनः स्थापित कियाइस सम्मेलन ने शिक्षा जगत, उद्योगऔर नीति निर्माताओं के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा दिया तथा शिक्षणपद्धति, शासन और प्रबंधन शिक्षण में प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग परमहत्वपूर्ण चर्चा को आगे बढ़ाया