रायपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर ने “छत्तीसगढ़ पंचायत संचालनालय के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों के लिए नेतृत्व एवं प्रबंधन” विषय पर पाँच दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम (एमडीपी) – बैच V का सफलतापूर्वक समापन किया। यह कार्यक्रम 10 से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से ज़िला पंचायत और जनपद पंचायत स्तर के निर्वाचित प्रतिनिधियों तथा विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य सुशासन क्षमताओं और सार्वजनिक नेतृत्व कौशल को सुदृढ़ करना था, ताकि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की परिकल्पना के अनुरूप प्रभावी जमीनी स्तर का प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित समकालीन सार्वजनिक नेतृत्व विषयों को शामिल किया गया, जैसे विकसित छत्तीसगढ़ में पीआरआई की भूमिका, सुशासन के लिए स्व-नेतृत्व, सार्वजनिक सेवा में नेतृत्व, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) का स्थानीयकरण, वेलबीइंग, टीम प्रबंधन, वित्तीय बजटिंग एवं योजना, परियोजना प्रबंधन, जन-संचार कथानक निर्माण, मीडिया संबंध और सरकारी संदेश प्रबंधन।
इस कार्यक्रम का संचालन प्रो. जिघ्यासु गौर और प्रो. मृणाल चावड़ा द्वारा किया गया, जबकि शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रो. संजीव प्रशर, निदेशक-प्रभारी, आईआईएम रायपुर तथा प्रो. सत्यसीबा दास, डीन (बाह्य संबंध) द्वारा प्रदान किया गया। सत्रों का संचालन आईआईएम रायपुर के विशिष्ट संकाय सदस्यों, विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की शिक्षण पद्धति में राज्य स्तरीय विकास की सफल कहानियाँ, व्यवहारिक कार्यशालाएँ, चिंतनपरक समूह चर्चा और एक्शन लर्निंग प्रोजेक्ट शामिल थे, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुखी सीखने का अनुभव प्राप्त हुआ।
प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के इंटरैक्टिव वातावरण और जमीनी स्तर के अनुभवों के आदान-प्रदान के अवसर की सराहना की, और इसे अपनी प्रशासनिक भूमिकाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया।
आईआईएम रायपुर प्रभावशाली प्रबंधन विकास कार्यक्रमों के माध्यम से भविष्य के सक्षम सार्वजनिक नेताओं को तैयार करने के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रहा है, जिससे विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में योगदान मिल रहा है।
