
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन तथा जन्यु टेक के संयुक्त तत्वावधान में 29 जनवरी 2026 को औद्योगिक रोबोट्स के वास्तविक दुनिया के समाधान हेतु प्रदर्शन कार्यक्रम “रोबो शो” का आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम उद्योग और शिक्षा के बीच सहयोग को सशक्त बनाने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने तथा समाज और उद्योग में रोबोटिक्स आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आईएएस, सचिव, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन डॉ. एस. भारतीदासन उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में आईएएस, आयुक्त, नगर निगम रायपुर श्री विश्वदीप उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त आईआईटी हैदराबाद के प्रो. सी. कृष्ण मोहन, जन्यु टेक के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अभिमन्यु राजा कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम में एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव, प्रोफेसर, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग प्रो. श्रीश वर्मा, रोबोटिक्स क्लब के प्रोफेसर-इन-चार्ज डॉ. राजेश डोरिया, अन्य फैकल्टी सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं व प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. श्रीश वर्मा ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऑटोमेशन के क्षेत्र में एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना इस पहल का मुख्य लक्ष्य है, जो उद्योगों की वास्तविक समस्याओं के समाधान हेतु तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा। उन्होंने बताया कि जन्यु टेक द्वारा चार औद्योगिक रोबोट उपलब्ध कराए गए हैं, जो रियल-टाइम समस्याओं के समाधान में सहायक होंगे। उन्होंने रोबोटिक्स को एक बहुविषयक क्षेत्र बताते हुए सभी विभागों की सहभागिता को आवश्यक बताया तथा कुशल रोबोट ऑपरेटरों का सक्षम इकोसिस्टम विकसित करने पर बल दिया।
अभिमन्यु राजा ने अपने संबोधन में कहा कि उद्योगों में निरंतर उत्पादकता बनाए रखने के लिए रोबोटिक्स अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि जहाँ मानव सीमित समय तक कार्य कर सकता है, वहीं रोबोट लगातार कार्य कर सकते हैं। उन्होंने ‘शून्य दुर्घटना’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में रोबोटिक्स की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रोबोट खतरनाक औद्योगिक परिस्थितियों और जोखिम भरे कार्यों में मानव जीवन की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केवल सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है और वास्तविक सीख के लिए उद्योग–संस्थान सहयोग अनिवार्य है।
प्रो. सी. कृष्ण मोहन ने एनआईटी रायपुर को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान में सकारात्मक शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियाँ निरंतर हो रही हैं और छात्रों द्वारा उत्कृष्ट परियोजनाएँ विकसित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में एनआईटी रायपुर देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में अपना स्थान बनाएगा।
श्री विश्वदीप ने नगर निगम से जुड़े अनुभव साझा करते हुए बताया कि ड्रेनेज सफाई, जल आपूर्ति और सीवेज लाइन की समस्याओं के कारण कई बार जानलेवा दुर्घटनाएँ होती हैं। उन्होंने ऐसे खतरनाक कार्यों में रोबोटिक्स और तकनीक के उपयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए सेप्टिक टैंक सफाई जैसे क्षेत्रों में रोबोट्स के उपयोग को समय की आवश्यकता बताया तथा उपस्थित प्रतिभागियों से सुझाव भी आमंत्रित किए। श्री विश्वदीप ने कुओं और जलाशयों की सफाई एवं गाद निकासी के लिए रोबोटिक्स के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि रोबोट्स के प्रयोग से इसका उचित समाधान प्राप्त हो सकेगा |
कार्यक्रम के अंत में डॉ. एस. भारतीदासन, आईएएस ने अपने संबोधन में आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आज प्रत्येक क्षेत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की ओर बढ़ रहा है। यदि समय रहते कुशल मानव संसाधन तैयार नहीं किया गया, तो हम भविष्य की चुनौतियों का सामना नहीं कर पाएंगे। उन्होंने रोबोटिक्स में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों को प्रोत्साहित किया और इस अनुभवात्मक तकनीकी पहल के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ दीं।
इसके बाद सभी अतिथियों द्वारा रोबो शो में प्रदर्शित विभिन्न रोबोट्स का निरिक्षण किया गया जिसकी सभी ने सराहना की | इस दौरान दिन एवं रात्रि में निगरानी में प्रयुक्त होने वाले रोबोट, चौपाया (कुत्ते सदृश) रोबोट, थ्रो-बॉट तथा जल के भीतर गाद सफाई हेतु प्रयुक्त रोबोटों का प्रदर्शन किया गया, साथ ही एन आई टी रायपुर के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए रोबोटों का प्रदर्शन भी इस दौरान किया गया । इस प्रकार “रोबो शो” कार्यक्रम औद्योगिक रोबोटिक्स, कौशल विकास और उद्योग–शिक्षा सहयोग के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ |
